कभी उसे भी मेरी याद सताती होगी,
अपनी आँखों में मेरे खवाब सजाती होगी,
वो जो हर वक़्त ख्यालों में बसी रहती है,
कभी तो मेरी भी सोचो में खो जाती होगी,
वो जिसकी राह में पलकें बिछी रहती है,
कभी मुझे भी अपने पास बुलाती होगी,
लबों पर रहती है वो हर पल हंसी बनकर,
तसवर से मेरे वो भी मुस्कुराती होगी,
वो जो शामिल है मेरे गीत मेरे नागमो में,
कभी तन्हाई में मुझको गुण गुनाती होगी,
जिसके लिए मेरा दिल बेकरार रहता है,
मेरे लिए अपना चैन भी गवंती होगी,
जिससे प्यार हर पल करना चाहूँ,
कभी इकरार तो वो भी करना चाहती होगी,
जिसके लिए मेरी हर रात है कटती करवट करवट,
कभी तो उसे भी नींद ना आती होगी,
जिसकी उल्फत की शमा से है मेरा दिल रोशन,
मेरी चाहत के वो भी दीप जलती होगी,
छोड़ कर चला जाऊंगा उसे एक दिन,
मेरी जुदाई उसे भी युही रुलाती होगी..
Saturday, November 7, 2009
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